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मोती के भौतिक गुण, कल्चर मोती असली मोती तथा नकली मोती व मोती धारण करने का प्रभाव

कल्चर्ड मोती
हांगकांग में कल्चर मोती का फार्म
 मोती एक प्राणिज् अर्थात प्राणी से प्राप्त रत्न है। जिसका आपेक्षिक घनत्व 2.65 से 2.85 तक होता है व कठोरता 3.5 से 4 तक होती है।

आधुनिक समय में मोती के अन्य भेद :----ज्यों ज्यों विज्ञान विकसित होता जा रहा है त्यों त्यों मानव परेशान भी होता जा रहा है आशा आकांक्षाऐं बलवती होती जा रही हैं और उन्हैं पूरा करने के लिए पुरातन से लेकर आधुनिकतम उपाय मानव अपना रहा है कहीं फैशन का मारा मानव इन रत्नों की और आकृषित हो रहा है तो कोई किसी परेशानी के कारण इन्हैं अपना रहा है अतः इन रत्न आदि की माँग बढ़ गयी है और प्राकृतिक रूप से तो इनकी पैदाबार को मानव बढ़ा नही सकता अतः इनकी पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने नयी तकनीकी का प्रयोग किया जो सर्वप्रथम जापान के वैज्ञानिको ने किया ।इस प्रकार बना मोती कल्चर मोती कहलाता  है।

                       कल्चर मोती बनाने के लिए स्वाति नक्षत्र की वर्षा के समय जो तत्व बूँद में मौजूद होते हैं वही दृव्य समुद्री घोंघे के पैंदे में छेद करके डाल देते हैं तथा घोंघे के आवरण तंतु से बना एक दाना उसके अन्दर प्रविष्ट कर देते हैं इस दाने पर घोंघा मुक्ता पदार्थ का आवरण चढ़ाना शुरु कर देता है लगभग साढ़े तीन वर्ष में यह कल्चर मोती 1 मिली मीटर बड़ा हो जाता है तथा ज्यादा वर्षों में यह 10 मिली मीटर ब्यास का हो जाता है।

असली कल्चर मोती में अन्तर ------ असली मोती कल्चर मोती में विशेष अन्तर यह है कि कल्चर मोती को जब बींधा जाता है तब इसमें घोंघें के अन्दर डाला गया विजातीय पदार्थ विल्कुल स्पष्ठ दिखाई देता है तथा असली मोती की अपेक्षा कल्चर मोती में बींधने पर सुई निकालने पर कल्चर मोती का छेद ज्यादा चौड़ा हो जाता है।

नकली मोती ----- पौराणिक काल से ही नकली मोती का उल्लेख शुक्रनीति अध्याय 4 तथा गरुण पुराण में भी आया है अतः यह कहा जा सकता है कि पुराने समय में भी नकली मोती बनाने का ज्ञान समाज में था।ये नकली मोती मोम भरे काँच के अथवा ठोस काँच के मुक्ता माता आदि से निर्मित किये जाते हैं। इन नकली मोतियों को मछली के ऊपर के कठोर आवरण द्वारा निर्मित घोल में डुबाने के बाद देखने से असली मोतियों की ही भाँति सुन्दर आकृषक लगते है परन्तु ये बहुत दिन नही चलते हैं।


इन नकली मोतियों को नमक मिश्रित तैल युक्त गरम जल में रात भर डूबा रहने दें और प्रातः सूखे कपड़े से लपेटकर धान से मलने पर रंग बदल जाता है।

 धारण करने का प्रभाव--- इस मोती को धारण करने से धन प्राप्ति, स्वास्थ्य समृद्धि, व सुखों में वृद्धि होती है।

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